मौत की कुआ , कराची झील कैसे रेडियोएक्टिव हुयी

Most Radioactive places in the word

एक ऐसी झील ,जिसके पास अगर कोई व्यक्ति  1 घंटा खड़ा रहता था ,तो उसकी मौत हो जाती थी ,इसीलिए इसे मौत की झील नाम दिया गया .इस  झील का नाम कराची झील है, ये झील रूस के Ural Mountains में है. सन 1990 में karachey lake सबसे ज्यादा  radioactive place में शामिल थी. karachey lake के bed में बहुत ज्यादा मात्रा में radioactive material था, जिसके कारण कई लोगो की जान भी चली गयी , लेकिन अब इस झील को लगभग सही कर लिया गया है .

कराची झील में प्रदुषण कैसे शुरू हुआ ?

दोस्तों आप सोच रहे होंगे की ये झील कैसे radioactive हुयी, और फिर इसे केसे ठीक किया गया, तो इन सभी सवालो का जवाब जानते है.

सन 1945 में दक्षिणी सोवियत संघ  ने एक top secret construction शुरू किया .जिसका नाम   Mayak nuclear facility था . इसी के साथ karachey lake का  का दुसित होना start हुआ. दोस्तों ,उसी time पे United States ने New Mexico में अपना पहला परमाणु बम विष्फोट किया था. इसके बाद कई देशो ने नुक्लेअर हथियार बनाना शुरू किया इन देशो में  सोवियत संघ भी शामिल था. सोवियत संघ ने ख़ुफ़िया तरीके से अपना  nuclear project start किया. उन्होंने एक nuclear  plant का निर्माण किया जिसका नाम  Mayak nuclear  plant था. इस प्लांट इ  प्लूटोनियम बनाया जाता था.

Cold war के ख़त्म होने तक  mayak facilities ने  दस nuclear reactor बना लिए थे. इसमें बहुत सारे  fuel reprocessing plants थे ,जो की इन प्लांटो से  nuclear  materials बनाया जाता था. जिनका use Soviet nuclear में होना था. यहा पर  sodium nitrate and sodium acetate salts का भी use किया जाता था, जिससे की  radioactive solution compounds बनाये जाते थे ,इन radioactive solution को nuclear  materials  के  साथ  ठंडा किया जाता था. जिसके लिए इन्हे  intermediate storage tanks में छोड़ दिया जाता था, इन nuclear materials से uranium और plutonium निकला जाता था इससे वहा  पर waste  के रूप में radioactive strontium, caesium, technetium और अन्य nuclear  slurry निकलते थे. स्ट्रोंटियम और सीज़ियम दोनों ही beta rays का  high levels में  उत्सर्जन करते हैं, और बहुत ज्यादा heat पैदा करते है , ये heat ,facility’s storage tanks को तोड़ने के लिए काफी होती है ,इसलिए इस waste को store रखना काफी मुश्किल था ,फिर इस नुक्लेअर waste को ठंडा रखने के लिए, इसे पास के कराची झील में फेंक दिया गया उन्हें नहीं पता था की यह एक फैसला आगे चलके बहुत भयानक साबित होने वाला है .

प्रदुषण का दुष्प्रभाव कब से पता चला .

कुछ समय तक सब कुछ  ठीक चलता रहा. फिर सन 1951 और 1957 के बीच में karachey lake में बहुत ज्यादा नुक्लेअर waste  हो गया. इस  नुक्लेअर waste  के कारण karachey lake बहुत ज्यादा रेडियोएक्टिव हो गयी ,उसके बाद सरकार को गलती का एहसास हुआ और उन्होंने इस गलती को सुधारने के लिए इसमें waste डालना छोड़ दिया ,पर जब तक हालत बहुत ख़राब हो चुके थे.

सितंबर 1957 में intermediate storage tanks का एक cooling system damaged हो गया, जिसमे salt solution था. जिसके बाद  storage  टैंकों का  तापमान अनियंत्रित होता गया,इससे  radioactive solution सूखने लगा. जिसके बाद सूखे  minerals से Crystals निकलना start हो गये ,ये  क्रिस्टल सोडियम नाइट्रेट और सोडियम एसीटेट से बने थे.

जैसे ही वहा का temperatures 400 डिग्री सेल्सियस तक पहुचा , सोडियम एसीटेट के क्रिस्टल बहुत गर्म हो गए, और उन्होंने आग पकड़ ली. हालत को बिगाड़ने के लिए वह पर ,सोडियम नाइट्रेट भी था ,हालांकि सोडियम नाइट्रेट अपने आप नहीं जलता है, पर इसे explosives में accelerate के रूप में use किया जाता हैं. 

इसलिए जब सोडियम एसीटेट का जलना  शुरू हुआ, तो सोडियम नाइट्रेट ने आग को और बढ़ा दिया और अंत में, storage टैंक  विस्फोट हो गए ,जिसमे लगभग 70 मीट्रिक टन TNT था ,इस दुर्घटना को इतिहास की तीसरी सबसे खराब परमाणु दुर्घटना माना जाता है। इस दुर्घटना के बाद वहा पर बहुत ज्यादा मात्रा में radioactive material जमा हो गया ,और वहा अगले दस वर्षों में  हालत बहुत खराब हो गये ,1960 में इस  झील से radioactive materials धीरे धीरे groundwater में पहुच गया ,इस  groundwater का use irrigation और  drinking में किया जाता था.

उसके बाद 1967 में, एक गंभीर सूखे के बाद कराची झील सूखने लगी ,एसा nuclear waste से उत्पन्न गर्मी के कारन हुआ. सुखी radioactive lake के  bed से नुक्लेअर waste हवा में घुलने लगा और ये हवा दक्षिणी सोवियत संघ के तरफ चलने लगी तो आप समझ गए होंगे की कैसे ये झील दुनिया के  सबसे ज्यादा  radioactive place में शामिल हुयी.

प्रदुषण के असर

इस झील के कारन ने वह के लोगो में बहुत सारी बीमारियो को जन्म दिया. जिसमे cancer ,birth defects leukemia है बीमारी बड गयी. इस झील के पास जो एक नदी बहती है, जिसका नाम techa है इस नदी से जिस भी गाँव में पानी गया वह के लोगो को radiation sickness का सामना करना पड़ा और क्योकि ये सीक्रेट प्लांट था इसलिए govt ने इस सभी प्रोब्लेम्स को special disease का नाम दे दिया था. पर आपको ये जानकर हैरानी होगी की अभी Lake Karachay दुनिया का  सबसे अधिक radioactive स्थान  नहीं है।

कराची झील में प्रदुषण कैसे कम किया गया .

सन 1970 से  1980  के बिच में हवा के कटाव को रोकने के लिए झील के bed में सीमेंट ब्लॉक लगा दिए गये और नुक्लेअर waste को  groundwater में जाने से रोकने के लिए झील के bed में सीमेंट पेस्ट इंजेक्ट किया गया . 2015 तक यह झील पूरी तरह से concrete लेयर से भर चुकी थी. ये concrete radiation resistant  का काम कर रहा था और इसके बाद 2016 में, इसमें rock भर के ऊपर मिटटी दल दी गयी. तो दोस्तों इस प्रकार वह पर रेडिएशन कम किया गया है फिर भी इन सभी बातो के बावजूद हम किस को वह जाने की सलाह नहीं देंगे क्योकि अभी भी वह पर  रेडिएशन का खतरा बना हुआ है, हलाकि karachey lake most radioactive place में 1st से 7th number पर गयी है .

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