Amitabh bachchan biography in hindi

अमिताभ बच्चन का जीवन परिचय | Amitabh bachchan biography in hindi

नामअमिताभ हरिवंश राय बच्चन
जन्म11 अक्टूबर, 1942 इलाहाबाद
पिताहरिवंशराय बच्चन
मातातेजी बच्चन
पत्नीअभिनेत्री जया बच्चन
Amitabh bachchan biography in hindi

Amitabh bachchan biography in hindi

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय अभिनेता हैं वो सदी के सबसे बड़े महानायक भी है. 1960 के दशक के दौरान उन्होंने बॉलीवुड में बड़ी लोकप्रियता प्राप्त की और तब से भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे लोकप्रिय अभिनेता बन गए. अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीते है.

अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फिल्म निर्माता और टीवी प्रस्तोता और लेखक भी है. वो 1969 से 1949 तक भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में थे. इन्होंने प्रसिद्द टी.वी. शो “कौन बनेगा करोड़पति” में होस्ट की भूमिका निभाई थी |जो की बहुत सफल टी.वी. शो था.

आरंभिक जीवन (Earlier life of Amitabh bachchan )

        अमिताभ बच्चन का जन्म इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था.उनके पिता, डॉ॰ हरिवंश राय बच्चन प्रसिद्ध हिन्दी कवि थे और उनकी माँ तेजी बच्चन कराची से संबंध रखती थीं. शुरू में अमिताभ बच्चन का नाम इंकलाब रखा गया था जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रयोग में किए गए प्रेरित वाक्यांश इंकलाब जिंदाबाद से लिया गया था. लेकिन बाद में इनका नाम अमिताभ नाम रख दिया गया जिसका अर्थ “ऐसा प्रकाश जो कभी नहीं बुझेगा” होता है.

इनका अंतिम नाम श्रीवास्तव था पर उनके पिता ने इस उपनाम को अपने कृतियों को प्रकाशित कर बच्चन ही लिखा. जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में एवं सभी सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए इसको अपना उपनाम बना लिया. अब यह उनके परिवार के समस्त सदस्यों का उपनाम बन गया है।

उनकी पहली फिल्म सात हिंदुस्थानी थी, जिसे मशहूर लेखक-निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास ने बनाया था. इसके बाद उन्हें ‘आनंद’ (1970) व ‘नमक हरम’ (1973) जैसी अच्छी फिल्मे मिली. उन्होंने उस दौर में सुपर स्टार राजेश खन्ना के साथ अभिनय किया जिसके बाद उन्हें ख्याति मिली. उसके बाद बच्चन जी को ‘जंजीर’ (1973) से उन्हें ‘एंग्री यंग मैन’ की ऐतिहासिक लोकप्रियता मिली. ‘आनंद’ में राजेश खन्ना एवं ‘शक्ति’ (1982) में दिलीप कुमार के साथ शानदार अभिनय करके उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना ली थी.

        अपने समय की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्री जया भादुड़ी उनकी पत्नी हैं. अमिताभ बच्चन को ‘फिल्म फेयर पुरस्कार’, राष्ट्रीय पुरस्कार, ‘पदमश्री’ आदि पुरुस्कारों से सम्मान किया गया है. साथ ही विश्व स्तर पर सर्वेक्षण से प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर अमिताभ को ‘मिलेनियम ऑफ दि स्टार’ के नाम स भी प्रसिध्धि मिली है. वह सन 1985 में इलाहाबाद से लोक सभा के लिए चुने गए थे।

करिअर (Career of Amitabh bachchan )

अमिताभ बच्चन ने अपने टैलेंट और अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में बादशाह का मुकाम हासिल किया है. शुरुवात में उनको देख सब यही कहते थे कि इतना लम्बा, दुबला पतला लड़का कुछ नहीं कर सकता. फिर भी शुरू में अमिताभ के लिए चीजे आसान थी क्योंकि इन्हें फिल्मो की दुनिया में आने के लिए किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा और इसकी वजह है अमिताभ की राजीव गाँधी से मित्रता होना था.

अमिताभ ने अपने टैलेंट और अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में बादशाह का मुकाम हासिल किया है या किसी और भी पैमाने पर अमिताभ को हम महान कह सकते है. हालाँकि अमिताभ ने फिल्मो में आने से पहले एक शिपिंग कम्पनी में नौकरी की थी और बाद में इनके माँ के कहने पर नौकरी छोड के मुंबई आ गये थे. वहा इन्हें काम करने के लिए 800 रूपये महीना वेतन मिलता था.

अमिताभ बच्चन की जिन्दगी में स्टार बनने के लिए महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब 1973 में आई प्रकाश मेहरा की एक फिल्म में इन्हें एक इंस्पेक्टर का रोल मिला जिसमे इनके किरदार का नाम “ इंस्पेक्टर खन्ना “ था और उस किरदार में अमिताभ एकदम अलग तरह के रोल में थे और साथ ही इनकी भारी आवाज जिसके लिए इन्हें आल इंडिया रेडियो में बोलने वाले के पद के लिए निकाल दिया गया था वही इनकी खासियत भी बनी ऐसे में जनता के लिए अमिताभ का यह रूप बहुत पसंद आने वाला था और इसके बाद बॉलीवुड के एक्शन हीरो और “ अंगरी यंगमैन “ की रूप में एक नई छवि अमिताभ की जनता के बीच में बनी जिसने इन्हें बेहद लोकप्रिय बना दिया.

अमिताभ जी ने अभिमान, कभी कभी, अग्निपथ, शराबी, नमक हलाल जैसी सुपरहिट फ़िल्में दी है. अमिताभ जी ने अपने फ़िल्मी करियर में बहुत उतार चढ़ाव देखे, शुरुवात में उनको देख सब यही कहते थे कि इतना लम्बा, दुबला पतला लड़का कुछ नहीं कर सकता. उनकी आवाज को लेकर भी लोग बोलते थे, और आज वही आवाज देश की आवाज बन गई, एक्टिंग के अलावा अमिताभ जी ने कई फिल्मों में सूत्रधार की भूमिका निभाई है.

        इसके अलावा अमिताभ जी ने कई फिल्मों में गाने भी गाये है| 1984-1987 तक अमिताभ जी ने पॉलिटिक्स में राजीव गाँधी के साथ खड़े रहे. इसके बाद वे फिल्मों में आये और 1990 में अग्निपथ के साथ नेशनल अवार्ड जीता. इसके बाद अमिताभ जी ने प्रोडक्शन हाउस खोला, और कुछ फ़िल्में भी की लेकिन ये सब फ्लॉप होती गई, इस समय तीनों खान का बोल बाला था. जिसके चलते अमिताभ जी ने फिल्मों से दुरी ही बना ली.

        अमिताभ बच्चन का विवाह 3 जून, 1973 को अभिनेत्री जया भादुड़ी से हुआ. अमिताभ बच्चन और जया भादुडी की दो श्वेता बच्चन नंदा और अभिषेक बच्चन संतान हैं.भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी अमिताभ बच्‍चन जी के अच्छे मित्र थे. अमिताभ बच्‍चन जी की पहली हिट फिल्‍म जंजीर थी. बच्‍चन जी ने फिल्मो के अलावा टीवी शो कौन बनेगा करोडपति, बिग बोस और आज की रात है जिंदगी जैसे हिट सीरियल भी किये हैं.

        अमिताभ बच्‍चन को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में पद्मश्री और पद्म भूषण तथा वर्ष 2015 में पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया है. अमिताभ की श्रेष्ठ फ़िल्में हैं – आनंद, ज़ंजीर, अभिमान, दीवार, शोले, त्रिशूल, मुकद्दर का सिकंदर, कुली, सिलसिला, अमर अकबर एंथनी, काला पत्थर, अग्निपथ, बाग़बान, ब्लैक और पा आदि है. निर्देशक सत्यजीत रे ने अपनी फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में बच्चन की आवाज का इस्तेमाल किया था. अमिताभ बच्‍चन दोनों हाथों से लिख सकते हैं.

        अमिताभ बच्चन की माँ का नाम तेजी बच्चन थी जो कराची के सिख परिवार से थी | वह भी पाश्चात्य विचारो वाली महिला थी लेकिन उन्हें अपनी मान्यताओ पर दृढ़ विश्वास रहा था | उनके माता पिता दोनों अलग अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से संबधित थे| अमिताभ बच्चन के माता पिता ने शुरवात में उनका नाम इन्कलाब रखा था| लेकिन हरिवंशराय बच्चन के मित्र सुमित्रानंदन पन्त के सुझाव पर उन्होंने अपने पुत्र का नाम अमिताभ कर दिया जिसका मतलब होता है “एक ऐसा प्रकाश जिसका कभी अंत ना हो “| हालांकि उनका उपनाम श्रीवास्तव था लेकिन अमिताभ के पिता अपनी सभी कविताओं में अपना छोटा नाम बच्चन लिखा करते थे जिसके कारण अमिताभ के आगे भी उन्होंने बच्चन नाम दे दिया |

        कॉलेज में उन्होंने दो विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की | साथ ही साथ अमिताभ ने कॉलेज के रंगमंच “द प्लेयर्स ” में भी भाग लिया | यहा उन्हें अपने अभिनय को निखारने का अवसर मिला और वही से एक महान कलाकार का जन्म हुआ |दिल्ली में कई जगह पर उन्होंने नौकरी की तलाश की परन्तु कही भी उन्हें आशानुरूप नतीजे नही मिले | यहा तक कि आकाशवाणी में भी उन्हें आवाज भारी होने के कारण नौकरी नही मिली | इससे वो बहुत दुखी हुयी | एक दिन बेरोजगारी से हतोत्साहित होकर उन्होंने अपने कॉलेज के मित्रो के साथ कोलकाता जाने का फैसला किया और वहा पर नौकरी ढूँढना जारी रखा | कोलकाता में भी कुछ हाथ ना लगने पर उन्होंने बम्बई में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया जो उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ |

        1970 के दशक से 1980 के दशक की शुरुवात तक अमिताभ बच्चन 100 से अधिक फिल्मों में दिखाई दिये. उस समय हर निर्देशक उनके साथ काम करना चाहता था जिसमे एक निर्देशक प्रकाश मेंहरा भी थे. 1982 में कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान एक गंभीर दुर्घटना हो गई थी जिसमे अमिताभ बच्चन के पेट में अंदरूनी चोट आई और वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे. उस समय उनके प्रशंसकों ने उनके ठीक होने के लिए प्रार्थना की. बच्चन दुर्घटना में बच गए.

        1990 के दशक में अमिताभ का जादू बॉक्स ऑफिस पर चलना बंद हो गया था. बॉक्स ऑफिस पर उनकी फिल्मे नहीं चल रही थी. आलोचकों ने लिखा है की अमिताभ ने अपने कैरियर को बड़े मियाँ छोटे मियाँ (1998) फिल्म में काम करके बचा लिया गया था. लेकिन 1999 में चार फिल्मे फ्लॉप रहीं और उसकी डूबती हुयी कंपनी एबीसीएल पर 90 करोड़ से अधिक का ऋण हो चूका था जिसको भरने का उनपर बहुत दबाव था. अमिताभ ने अपनी कंपनी ABCL में फिल्म मृत्युदाता बनाई और इसके साथ 1997 में बड़े पर्दे पर वापसी की . 2000 में, उन्होंने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से TV या छोटे परदे पर hosting/मेजबानी करना शुरू किया और इस सीरियल ने बहुत बड़ी सफलता पाई.

पुरस्कार :

  1. पद्म भूषण
  2. फिल्म फेयर पुरस्कार
  3. राष्ट्रीय पुरस्कार
  4. पदमश्री

अमिताभ बच्चन की लोकप्रिय फिल्मे :

  1. शोले (1975)
  2. लावारिश  (1981)
  3. आखिरी रास्ता  (1986)
  4. अग्निपथ (1990)
  5. हम (1991)
  6. कभी ख़ुशी कभी गम (2001)

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